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काम पर विजय कैसे पाएं

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कैसे काम वासना पर विजय पायें

क्या आप किसी खास व्यक्ति के लिए या बहुत सारे लोगों के लिए मन में काम-वासना की भावना रखते हैं और इस भावना पर नियंत्रण पाने में असमर्थ महसूस करते हैं? आपको अपनी काम-भावना पर विजय पाना है या नहीं, ये आपकी व्यक्तिगत इच्छा पर निर्भर है, क्योंकि ऐसा करना ना ही आपके ऊपर थोपा जा सकता है, ना ही आप एकदम से ऐसी भावना मन में आने से रोक सकते हैं | ऐसा करने की बजाय आपको ऐसा परिणाम पाने के लिए प्रयत्न करना होगा जिससे काम-भावना से ओतप्रोत विचार आपके मन में आयें तो आप अपना ध्यान किसी और तरफ केन्द्रित कर सकें, या उन विचारों की जगह आप अन्य प्रकार के विचारों को अपने मन में ला सकें, या आप इन विचारों को थोड़ा नियंत्रित कर सकें | यहाँ कुछ ऐसे तरीके दिए गए हैं जो शायद आपके लिए उपयोगी हैं |

4की विधि 1:
मूल कारण (Root Cause)Edit

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काम भोग की लालसा को बढ़ावा ना दें: ऐसी चीजों को पाने की इच्छा पर नियंत्रण करें जो आपको कामातुर बनाती हैं | इस बात का मुख्य रूप से ये मतलब है कि आप अश्लील साहित्य, फोटो, और विडियो (pornography) से दूर रहें मतलब ऐसी चीजों की लालसा को नियंत्रित करें | इस बात का मतलब यह भी है कि पोर्नोग्राफी के अलावा आप ऐसी अश्लील फ़िल्में भी देखने ना जाएँ जो आपको कामातुर बनायें और ड्राइव करते हुए किसी भी हाईवे के कुछ खास हिस्सों से ना गुजरें जहाँ कोई अश्लील दृश्य दिखने की संभावना हो | हालाँकि ऐसा करना आपको मुश्किल मालूम होगा, लेकिन याद रखें कि कामातुर होना भी अन्य बुरी आदतों की तरह ही एक आदत है जिसपर काबू पाना संभव है | आप सख्ती के साथ अपनी इस बुराई से निपटें!

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अपनेआप के साथ-साथ दूसरों का भी आदर करना सीखें: हर दिन आप दूसरों के साथ जिस तरह का रिश्ता निभाते हैं वो अगर आप काम-भावना के आधार पर निर्धारित कर रहे हैं तो इसका मतलब है आप खुद के साथ पूरी तरह से जुड़े हुए नहीं हैं | आप अपने दिमाग और व्यक्तित्व की प्रेरणा से अपने व्यवहार को नियंत्रित करने की बजाय अपनी शारीरिक इच्छाओं के आधार पर ही यह निर्धारित कर रहे हैं कि आप कौन हैं और आपको किस तरह का व्यवहार करना है | इसी तरह अगर आप दूसरों को हमेशा काम-भावना से प्रेरित होकर देखते हैं तो आप दूसरों का आदर नहीं कर पाते हैं | अगर सचमुच आपके मन में लोगों के प्रति कुछ भी अच्छी भावनाएं हैं तो आप अपनी वासना की भावना का विरोध करेंगे और ऐसी भावनाओं पर काबू करके दूसरों के लिए और खुद के लिए जो सही है वो करने की कोशिश करेंगे |

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नशीले पदार्थों (drugs) और शराब (alcohol) का सेवन ना करें: नशीले पदार्थों और शराब के सेवन से आपकी गलत-सही समझने और संकोच करने की भावना ख़त्म हो जाती है, इसलिए काम-भावना पर नियंत्रण कर पाना आपके लिए ज्यादा मुश्किल हो जाता है | अगर आप इन चीजों का सेवन करते हैं तो ऐसा करना तुरंत बंद कर दें | इससे आपको बहुत लाभ मिलेगा! ड्रग्स और शराब का सेवन अगर आप बंद कर देते हैं तो भी ऐसा नहीं है कि आप दोस्तों के साथ किसी बार में नहीं जा सकते हैं | आप बार में जरूर जाएँ लेकिन अल्कोहल की जगह कोई सॉफ्ट ड्रिंक या एप्पल जूस ले लें | चूँकि सॉफ्ट ड्रिंक और एप्पल जूस दोनों ही अल्कोहल जैसे ही दिखते हैं, इसलिए आप असहज भी महसूस नहीं करेंगे |

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अपनी जरूरतों को समझें: ज्यादातर धार्मिक ग्रंथ भी यही बताते हैं कि काम-भावना स्वभाविक है, इसलिए अगर आपके मन में भी ऐसी भावनाएं उत्पन्न होती हैं तो इसकी वजह से बुरा महसूस ना करें | इन भावनाओं के अस्तित्व को स्वीकारें, क्योंकि अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आप मानसिक रूप से बीमार हो सकते हैं और आप ज्यादा कामातुर भी हो सकते हैं | कामेच्छा को स्वीकारें लेकिन ना तो इसे दबाएँ, ना ही एकदम से ऐसी इच्छाओं के अनुसार व्यवहार करना शुरू कर दें |

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वैकल्किप सिद्धांतों पर ध्यान दें: वासना के कई रूप हैं और इसके विषय में कई तरह के दृष्टिकोणों से सोचा जा सकता है | अगर आपकी वासना के कारण किसी को कोई शारीरिक कष्ट होता है तो हाँ, आपकी यह भावना एक समस्या है और इससे आपको निपटना ही चाहिए | लेकिन, आपकी काम-भावना के कारण जो भी कृत्य होते हैं वो दो वयस्कों की सहमती से होते हैं तो यह भावना गलत नहीं है | कामेच्छा एक स्वभाविक इच्छा है और आपके मन में ऐसी भावना के आने के कारण अगर आप परेशान हैं तो ऐसा केवल उन धार्मिक मान्यताओं और उपदेशों के कारण है जो आप अभी तक सुनते, सीखते आये हैं | अगर आप भिन्न धर्मों के उपदेशों को भी सुनें तो हो सकता है आप इस विषय में नए तरीके से सोच सकें |

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