loading...

कबीर तेरे द्वार खड़ा भगवान। kabir ke shabd no 95

Share:

   तेरे द्वार खड़ा भगवान, भगत भर दे रे झोली।
   तेरा होगा बड़ा अहसास, के युग-२ तेरी रहेगी शान।।
डोल रही है धरती सारी, डोला गगन है सारा।
भीख मांगने आया तेरे दर, जगत का पालनहारा।।
     मैं आज तेरा महमान, तूँ कर ले रे जरा पहचान।।
आज लुटादे सर्वस्व अपना, मान ले कहना मेरा ।
मिट जाए पल भर में तेरा, जन्म जन्म का फेरा रे।
   तूँ छोड़ सकल अभिमान, अगर करले रे अपना दान।।

No comments