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कबीर। एक दिन जाना होगा जरुर। kabir ke shabd no 266

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एक दिन जाना होए जरुर।।
         लक्ष्मण राम अमर जो होते, रहते हाल हजूर।
         वे भी जग में रह ना पाए, समझ चेत मन क्रूर।।
कुम्भकर्ण रावण बड़े योद्धा, कांप रहे हम सूर।
कठिन काल ने वे भी खाए, हो गए चकनाचूर।।
      माटी कहे कुम्हार से, तूँ क्या रौंदे मोए।
      एक दिन ऐसा आएगा, मैं रौंदूगी तोय।।
अर्जुन से क्षत्री नहीं जग में, कर्ण दान भरपूर।
भीम युधिष्ठिर पांचों पांडव, मिल गए माटी धूर।।
     पानी पंख आकाश जाएंगे, जाएंगे चन्दा सूर।
     कह कबीर भजन कब करिहौं, ठाडो काल हजूर।।

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