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सहनशीलता

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सहनशीलता 

चीनके बादशाहका मस्वी शाहचांग बहुत थक गया धा । उस दिन उसे सबेरे ही चादशाहके सम्मुख एक रिपोर्ट रखनी थी । आधी राततक जागते हुए वह अपने सहायकसै रिपोर्ट लिखचाता रहा । रिपोर्ट पूरी करके वह उठा और अपने शयनकक्षकी ओर जाने लगा । इसी समय उसका सहायक भी उठा, किंतु सहायककी असावधानीसे लेम्पको धवका लग गया । लैम्प गिर पडा । 

सब कागज त्तेलमें भीग गये और उनमें आग लग गयो ५ सहायकका तो मुख ही सूख गया 'काटो तो खून नहीं ५' 

मन्दी महोदय लौट पड़े । उन्होंने धीरेसे कहा… ' यह संयोगकी बात है, तुम्हारा कोई अपराध तो हैं नहीं ५ बैठो, हम दोनों फिरसे उस रिपोर्टक्रो तैयार कर लेंगे ।' अपने आसनपर वे वैट गये और कागजोंक्रो सम्हालका रिपोर्ट लिखवाना आरम्भ कर दिया । 

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