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कर्त्तव्य पालन का महत्व - Importance of duties

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कर्त्तव्य पालन का महत्व

मद्रास प्रान्त मेँ एक रेल का पायंटमैन था । एक दिन वह पायंट पकड़े खडा था । दोनों ओर से दो गाडियों पूरी तेजी के साथ आ रही थीं । इसी समय भयानक काला सर्प आकर उसके पैर में लिपट गया । सर्प को देखकर पायंटमैन डरा । उसने सोचा- मैं साप को हटाने के लिये पायंट छोड़ देता हूँ तो गाडियों लड़ जाती हैं और हजारों नर-नारियों के प्राण जाते हैं । नहीं  छोड़ता तो साँप के काटने पे मेरे प्राण जाते हैं। भगवान ने उसे सदबुद्धि दी । क्षणभर में ही उसने निश्चय कर लिया कि सर्प चाहे मुझे डस ले पर मैं पायंट छोड़कर हजारों नर-नारियों की मृत्यु का कारण नहीं बनूँगा। वह अपने कर्तव्य पर दृढ रहा और वहाँ से जरा भी नहीं हिला। जिन भगवान ने  उसे सद बुद्धि दी उन्होंने ही उसे बचाया। गाडियो की भारी आवाज से डरकर साँप उसका पैर छोड़कर भाग गया। पायंट मैन की कर्तव्य निष्ठा से हजारों मनुष्यों के प्राण बच गये । जब अधिकारियों को यह  बात मालूम हुईं, तब उन्होंने पायंट मैन को पुरष्कार  देकर सम्मानित किया । ' 

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