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किससे कहे-Tell whom

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किससे  कहे

क्याग़हाकी सवारी निकली थी । ग्गर्गके समीप घृक्षक्रे नीचे एक अलमस्त फकीर लेटे थे अपनी ग्रप्लीमें । बादशाह धार्मिक थे, श्रद्धालु थे, फकीरपर दृष्टि क्यों, सवारी छोडकर उतर पड्रे और पैदल अकेले क्लीस्कै पास पहुँचे । प्रणाम करके चोले…' आपको आवश्यकता हो तो माँग लीजिये । ' 

फकीरने कहा…" तू अच्छा आया । ये मक्खियों मुझे 

१। किसेडे माँगूँहुँ रं सी 

तंग कर रही हैं। इन्हें भगा दे यहासै। 

बादशाह बोले…" मांव-खयाँ तो मेरे वशमे नहीं हैं किंतु आप चलें तो ऐसा स्थद्धन दिया जा सकता है जहाँ' मक्खियाँ… 

बीचमे' ही फ़कीर चोलेच्ची'बस, बस 1 तू जा अपना काम कर ! मैं किससे माँगूँ तुच्छ र्माव्रखयोंपर भी जिसका अधिकार नहीं, उससे ? ' 

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