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हर भज हर भज हीरा - har bhaj har bhaj heera - Kabir ke shabd

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 


कबीर के शब्द


हरि भज-२ हीरा परखले,समझ पकड़ नर मजबूती।
अष्ट कमल में खेले भाई अवधू, और वार्ता सब झूठी।।

पाँच चोरटे इस काया में,इनकी पकडो सिर चोटी।
पांचों मार पचीसों वशकर, जब समझूँ तेरी रजपूती।।

दया धर्म की ढाल बनाले, सेल बनाले धीरज की।
काम क्रोध को मार भगा दे, जब जानूँ तेरी मजबूती।।

अमर लोक से साहिब आए, वहां से लाए निज बूटी।
त्रिवेणी के रंग महल में, सन्तों ने मौज बड़ी लूटी।।

रुनझुन-२बाजा बाजै, झिलमिल-२ हो ज्योंति।
ओंकार के निराकार में, हंसा चुगते निज मोती।।

पक्के धड़े का तोल बनाले, कम मत राखै एक रति।
शरण मछँदर जति गोरख बोले, अलख लखै सो खरा जति।।

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