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हरिओम के भजन - hari om ke bhajan - Kabir ke shabd

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 

कबीर के शब्द

हरिओम के भजन बिना तूँ क्यूँकर पार उतर जागा।
मूर्ख बन्दे के कहगा जब, परमेश्वर के घर जागा।।

मोह माया में फंस के बन्दे, हीरा जन्म फिजूल गया।
ब्याजकामवन आयाथा, तेरा असली धन मिल धूल गया
साहूकार की आवै डिग्री, घरां पुलसिया फिर जागा।।

यम के दूत बांध लें पेटी, तेरे पेट के धोरे कै।
कुनबा खड़ा दुहथड पीटै, जब लिकडेगा धोरे कै।
जिस बेटे में मोह घना था, फोड़ तेरा वो सर जागा।।

गैल मरण की हां भर रही वा, चूड़ी फोड़ खड़ी होजा।
एक साल तक रोटी काढै, करके तोड़ खड़ी होजा।
एक बहु बोली कील गाड़ दो,  ना मेरा छोरा डर जागा।।

सद्गुरु ज्ञान विचार बिना तेरा, बनता कोए हिमाती ना।
स्वार्थ कारण तेरा मेरी, कोए सच्चा साथी ना।
न्यू कहंगे यो मरता कोन्या,  तेरा आपै पेटा भर जागा।।

कृष्ण लाल राम रट प्यारे, वो है तेरा हिमाती है।
झूठ बात मेरी एक बता दो जो थारे में पंचायती है।
फेर गिरावड जा दिखै तूँ,  ऐसा सूर्यनगर जागा।।

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