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अमरगढ़ बांका है रे भाई-Kabir Ke Shabd-amaragdh baankaa hai re bhaai,

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 
कबीर के शब्द
अमरगढ़ बांका है रे भाई,
उड़ै तो कोए पहुंचेगा विरला सन्त।।

कहां से आया तेरा बोलता रब,साधो कहां पे वो रम जाए
इस का बेरा पाड़ लो साधो, जीवन मुक्त हो जाए।।

नहीं आया आकाश से साधो, न धरती में पाए।
ये हंसा सतलोक का रे साधो, सत्त में रहा समाय।।

दुष्ट मुष्ट आवे ना रे साधो,दफ्तर लिखा न जाय।
नाभि ब्रह्म स्वरूप रे भई साधो, सब घट रहा ए समाय।।

नाथ गुलाब जोगी कह भई साधो,ये सतगुरु की सैन
काला सर्प ख़िलावना रे साधो, नहीं है हांसी खेल।।

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