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बरसन लाग्यो रंग शब्द झड़ लाग्यो हे हेली-Kabir Ke Shabd-barasan laagyo rang shabd jhd laagyo he heli।

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 
कबीर के शब्द
बरसन लाग्यो रंग शब्द झड़ लाग्यो हे हेली।
जन्म मरण की चिंता भागी, सुमरत नाम भजन लौ लगी

सत्तगुरु दीन्ही सैन,सत्त घर पा गयो हे हेली।
चढ़ गई सूरत पच्छम दरवाजा, त्रिकुटीमहल पुरुष एक राजा।।
अनहद की झंकार,बजे जहां बाजा है हेली।

अपने पीया संग जाके सौई,शंसय शोग रहा ना कोई।
कट गए कर्म क्लेश,भर्म भय भाग्यो हे हेली।

शब्द विहंगम चाल हमारी,कह कबीर सत्तगुरु दइ ताली।
रिमझिम-२ होए,काल वश आ गयो हे हेली।।

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