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भक्ति भजन फिर करना पहले,मन से मैल निकाल-Kabir Ke Shabd-bhakti bhajan phir karnaa pahle,man se mail nikaal।

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 
कबीर के शब्द
भक्ति भजन फिर करना पहले,मन से मैल निकाल।
ऐसी भक्ति करने से तुं होगा नहीं निहाल।।

मन्दिर,-२ घूम ले बन्दे घूम ले चारों धाम।
बार बार तुं ले ले चाहे, कितना ही राम का नाम।
कुछ हासिल न होगा तुझ को, करले तीर्थ तमाम।
जब तक तुझ पै पड़ा रहेगा,मोह माया का जाल।।

झूठ नहीं तूने छोड़ा, किसलिये तुं करता पाप।
औरों को तुं बुरा बताए, बुरा तुं खुद है आप।
मन की मेल ना तूने धोइ,तन को रखा साफ।
किसी काम न आएगी, तेरी ये सुंदर खाल।।

अपने मन से त्याग दे बन्दे,ईर्ष्या और तुं वैर।
अपने साथ दूसरों की भी, मांग पृभु से खैर।
नेक काम मे कभी न करना,बन्दे तुं अबेर।
अच्छे कर्म करेगा बन्दे, होगा तुं मालामाल।।

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