loading...

छुक-२ जीवन की रेल चली ईश्वर से तुझे मिलाएगी-Kabir Ke Shabd-chhuk-2 jivan ki rel chali ishvar se tujhe milaaagi।

Share:
SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 
कबीर के शब्द
छुक-२ जीवन की रेल चली ईश्वर से तुझे मिलाएगी।
बस तीन स्टेशन लगते हैं, कहीं और न ये रुक पाएगी।।

पहला स्टेशन है बचपन, जो खेल कूद में जायेगा।
मातपिता हर कोई बन्दे, तेरे लाड़ लड़ायेगा।
सब पूरी होंगी जिद तेरी, जो मांगे चीज मिल जायेगी।।

दूजा स्टेशन आई जवानी, नहीं किसी के वश का तुं।
काम करै सब उल्टे बन्दे, नाम भूल कै रब का तुं।
इस माया के वश में होगा, वही माया तुझे खा जायगी।।

तीसरा स्टेशन बन्दे, आया बुढापा तेरा रे।
उड़ जागा पंछी, ये जग चिड़िया रैन बसेरा रे।
जब भजे हरि का नाम घड़ी जब, मौत की तुझ पर आएगी।।

समय का पहिया चलता जाए, कोई रोक न पाएगा।
भज ले नाम हरि का बन्दे,भँवसागर तर जाएगा।
जब आए बुलावा जाना हो, वो घड़ी नहीं टल पाएगी।।

कोई टिप्पणी नहीं