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दुख आया है बन्दे, अब क्यूं करता है शोर-Kabir Ke Shabd-dukh aayaa hai bande, ab kyun kartaa hai shor।

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 
कबीर के शब्द
दुख आया है बन्दे, अब क्यूं करता है शोर।
पापों का फल मिलता, ना सोचा इस ओर
ईश्वर सेवा का करके जग में, वादा तुं आया।
सुंदर ये मानव चोला, तुझको थमाया।
कर्म किये हैं दूषित, क्यूं बन बैठा तुं चोर।।

विषय वासनाओं में ये जीवन गंवाया है।
अवश्यमेव भोगकृतम गीता में बताया है।
अंधकार में जीता, न भाई तुझको भोर है।।

बचपन गंवाया तूने, जवानी गंवाई है।
छल कपट की नीति, तेरी मौत बन कर आई है।
आखरी विदाई का ढंग, बैठे किस और।।

खाना भी जाना तूने,सोना भी जाना है।
उसीको न जाना जिसके, पास तुझे जाना है।
सावन बरसा अंजलि, न झूमा मन का मोर।।

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