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अन घड़िया देवा, कौन करेगा थारी सेवा जी-Kabir Ke Shabd-an ghdiyaa devaa, kaun karegaa thaari sevaa ji।

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 
कबीर के शब्द
अन घड़िया देवा, कौन करेगा थारी सेवा जी।
घड़े देव को सब कोए पूजे, निश दिन करते सेवा।
पूर्ण पुरुष अखण्ड स्वामी, ता का न जाने भेवा।।

दस अवतार निरंजन कहिये, इनमे अपना ना कोई।
ये तो अपनी करनी भोगें, कर्त्ता औरै कोई।।

ब्रह्मा विष्णु महेश्वर कहिये, इन सिर लागी काइ।
इनके भरोसे कोई मत रहियो, इन ने ना मुक्ति पाई।।

जोगी जती तपी सन्यासी, आप-२ ने खरिया।
कह कबीर सुनो भई साधो, शब्द लखे सो तरिया।।

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