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जगा ले सजनी, बन्ना सोवै है अटारी-Kabir Ke Shabd-jagaa le sajni, bannaa sovai hai ataari।

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 
कबीर के शब्द
जगा ले सजनी, बन्ना सोवै है अटारी।
उस बन्ने कै रूप रेख ना, अक्षर तक का लिखा लेख ना।
अमर पुरुष जो धरे भेख ना, शोभा वा की अगम अपारी।।

उस बन्ने के चरणों का दासी,काटेंगे यम घर की फांसी।
आत्म रूप अचल अविनासी, वा की सूरत पै बलिहारी।।

जारा जरै मरै ना मारा, टारा टरै न बिडरै बिडारा।
तीन लोक उनै खोजत हारा,  कहते हम दे दे किलकारी।।

कह कबीर इस बन्ने को मोहले,सुन्न शिखर में जा के टोहले।।
अपना आप जगत से खोले, सूरत दृष्टि के मूरत निहारी।।

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