loading...

जगत तज चलना है नादान-Kabir Ke Shabd-jagat taj chalnaa hai naadaan।

Share:
SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 
कबीर के शब्द
जगत तज चलना है नादान।
मैल भरी इस खाल का रे, मूर्ख करै डफान।

भाई बंध और कुटुम्ब कबीला,सब मिल धरैं मसान।
जो आया सो रहन न पाया,क्या राजा क्या रान।।

जैसे स्वप्न रैन का रे, रहसि नहीं निदान।
दिन दस के व्योहार में रे, हर न विसर अज्ञान।।

पिंजरे से उड़ जाए अचानक,पल में पंछी प्राण।
नित्यानन्द भज राम गुमानी,मिट जाए आवन जान।।

कोई टिप्पणी नहीं