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जरा धीरे-२ गाड़ी हांको, मेरे राम गड़वाले-Kabir Ke Shabd-jaraa dhire-2 gaadi haanko, mere raam gdvaale।।

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 
कबीर के शब्द
जरा धीरे-२ गाड़ी हांको, मेरे राम गड़वाले।।
गाड़ी मेरी रंग रँगीली,  पहियाँ लाल गुलाल।
हाँकन आली छैल छबीली, बठन आला राम।।

गाड़ी अटकी रेत में भइ,  मंजिल पड़ी है दूर।
धर्मी-२ पार उतरगे,  पापी चकनाचूर।।

देश-२ के वैध बुलाए, लाए जड़ी और बुटी।
जड़ी बूटी फिर काम न आई,जब राम के घर से टूटी।।

चार जनां नै मिल उठाया,  बंधी काट की घोड़ी।
ले जा कै मरघट में रख दी, फूंक दीन्ही ज्यूँ होली।।

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