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कदम उठाये पांव धर आगै, साहब का घर नेड़ा है-Kabir Ke Shabd-kadam uthaaye paanv dhar aagai, saahab kaa ghar nedaa hai।

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 
कबीर के शब्द
कदम उठाये पांव धर आगै, साहब का घर नेड़ा है।
मिलना हो तो ढील न करिये, तुझ में ही पीव तेरा है।

तन मन धन सब वार सजन पर, जब पावै वो डेरा है।
नैन उघाड़ निहार नजर भर, दिल दूरबीन सवेरा है।
नित्यानन्द महबूब गुमानी, चल हर महल सवेरा है।।

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