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कर्म करो ऐसे दुनिया मे, पड़े न फिर पछताना-Kabir Ke Shabd-karm karo aise duniyaa me, pde n phir pachhtaanaa।।

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 
कबीर के शब्द
कर्म करो ऐसे दुनिया मे, पड़े न फिर पछताना।।
एक दिन तो धर्मराज को, पड़ेगा मुंह दिखलाना।।

मन मे औरों के लिये तुम, शुभ संकल्प चलाओ।
निंदा करता है तुम्हारी, अपना उसे बनाओ।
आंखों से तुम बुरा न देखो,  पड़े जो आंख झुकाना।।

मुख से औरों को दुख देने, वाले बोल न बोलो।
अपने मुख से ज्ञान रत्न के, भंडारे तुम खोलो।
कानों से तुम सुनो न ऐसा,  पड़े जो कान कटाना।।

ऐसा जीवन हो तो हंसते-हंसते, घर को जाओ।
धर्मराज के आगे फिर तुम, निर्भय होकर जाओ।
खाता अपना हो न ऐसा,  पड़े जो वहां छिपाना।।

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