loading...

कोए रे दिन घूम ले रे गलियां-Kabir Ke Shabd-koa re din ghum le re galiyaan,

Share:
SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 
कबीर के शब्द
कोए रे दिन घूम ले रे गलियां,
छोटा सा बन के हांड ले रे गलियाँ।

दाता म्हारे ने बाग लगाया जी,
खूब खिली रे कलियां।

मोत निमाणी आई रे बाग में जी,
हाथ लई रे डलियां।

काचे पाके की मालिन सार ना जाने जी,
तोड़ भरी रे डलियां।

कह कबीर सुनो भई साधो जी,
मौत बड़ी रे छलिया।

कोई टिप्पणी नहीं