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क्यूं भर्म रहा संसार मे, तेरा भर्म तू ही में भाई-Kabir Ke Shabd-kyun bharm rahaa sansaar me, teraa bharm tuhi men bhaai।

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 
कबीर के शब्द
क्यूं भर्म रहा संसार मे, तेरा भर्म तूही में भाई।
पक्की भूमि छुटगी तेरी, कच्ची भूमि में किन्ही फेरी।
कर कर कर्म लगाई ढ़ेरी, फंसा कर्म के फन्द में।
पारस पद क्यूं दरसाई।।

कर्म फन्द में फेर भुलाना, पारस बिन ना लगे ठिकाना।
ब्रह्म धर्म को बता गुलमा, सिंह सरुप बिसार के।
क्यों बिना बड़ैया जाइ।।

पारस दृढ़ रहना,सबको पारस कुछ ना कहना।
सत्तगुरु शरण मे हरदम रहना, कह गंगादास विचार के।
तेरा जन्म मरण मिट जाई।।

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