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माटी का खिलौना माटी में मिल जाएगा-Kabir Ke Shabd-maati kaa khilaunaa maati men mil jaaagaa।

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 
कबीर के शब्द
माटी का खिलौना माटी में मिल जाएगा।
मान ले रे मनवा मौका, फेर नहीं आएगा।।

जग माया को देख तुं फुला,कारीगर को मूर्ख भुला।
भजन बिना तुं लँगड़ा लूला,के मांग-२के खाएगा।।

हार सिंगार तेरी खातिरदारी,धरी रह तेरी चौधर सारी।
करता फिरै ऐसे खिलारी, यो हंसा उड़ जाएगा।।

जग से प्रीत टूटजा तेरी, आखिर कार काढले घेरी।
हो जागी फिर रात अंधेरी, नजर कहां आएगा।।

झूठ भकाना सच्चा सपना, भूल नशे में मिच गई झपना।
बता कौन तेरा है अपना,तूँ ओड़ निभाएगा।।

घटे यो दिन-२माल लखीना, बिनाभजन तेरा पासा हीना।
रामकिशन अमर रस पीना,रोग कट जाएगा।।

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