loading...

मन नेकी कर ले दो दिन का महमान-Kabir Ke Shabd-man neki kar le do din kaa mahmaan।

Share:
SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 

कबीर के शब्द
मन नेकी कर ले दो दिन का महमान।
जोरू लड़का कुटुंब कबीला, दो दिन का तन मन का मेला जी।

अंत काल उठ चले अकेला तज माया मोह मान।
कहाँ से आया कहाँ जाएगा, तन छूटे मन कहाँ समाएगा।

आखिर तुम को कौन कहेगा, गुरु बिन आत्मज्ञान।
यहाँ कोण है तेरा सच्चा साईं झूठी है ये जग असनाई।

कोन ठिकाना तेरा भाई, कहाँ बस्ती कहाँ गाम
रहट माल कूप जल भरता, कभी भरे कभी रीता फिरता

एक बार तू जन्मे मारता, क्यों करता अभिमान
लख चौरासी लगी त्रासा ऊंच नींच घर करता बासा।
कहे कबीर सब छूटे बासा  ले लो हरी का नाम

कोई टिप्पणी नहीं