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में ना लड़ी मेरा, पिया डिगर गया जी-Kabir Ke Shabd-men naa ldi meraa, piyaa digar gayaa ji

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 
कबीर के शब्द
में ना लड़ी मेरा, पिया डिगर गया जी
ना मैं बोली ना बतलाई जी,
ओढ़ के चुनरिया मैं तो सोवती रही।

शीश महल के दस दरवाजे जी,
जाने कौनसी किवाड़ी खुली।

हमरे संग की सात सहेली जी
न जाने कौनसी ने कही।।

कह कबीर सुनो भई साधी जी,
इसी ब्याही तें कुँवारी भली।।

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