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मेरा तेरा मानव भाई,एक कैसे होइ रे-Kabir Ke Shabd-meraa teraa maanav bhaai,ek kaise hoe re।

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 

कबीर के शब्द
मेरा तेरा मानव भाई,एक कैसे होइ रे।
तूँ कहता कागज की लेखी, मैं कहता आँखों की देखी।
मैं कहता तू जागत रहिये,तू जाता पड़ सौई रे।।

मैं कहता सुलझावन आली,तू जाता उलझाई रे।
में कहता निर्मोही रहिये, तू जाता है मोहि रे।।

जुगन-२समझावत हारा, कहा ना माने कोई रे।
तू तो रन्हि फिरे बिहंगी,सब धन डारा खोई रे।।

सद्गुरु धारा बहे निर्मली,वा मेँ काया धोइ रे।
कह कबीर सुनो भई साधो,तब ही वैसा होइ रे।।

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