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मेरे सद्गुरु काट जंजीर- Kabir ke shabd-mere sadguru kaat janjir

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 

कबीर के शब्द

मेरे सद्गुरु काट जंजीर, जिवडा दुःखी हुआ।।
एक हाथ माया ने जकड़ा, एक हाथ सद्गुरु ने पकड़ा।
नाचै अधम शरीर।।

कभी मन जाए ध्यान योग में,
कभी वो जाए विषय भोग में।
एक लक्ष्य दो तीर।।

जल थल दुनिया बहती धारा,
गहरा पानी दूर किनारा।
सोचै खड़ा राहगीर।।

जब तूं आए कुछ बन नहीं पाए,
जब तूँ जाए तो विरह सताए।
ज्यूँ मछली बिन नीर।।

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