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नब्जिया वैद्य क्या देखे, मुझे दिल की बीमारी है-Kabir Ke Shabd-nabjiyaa vaidy kyaa dekhe, mujhe dil ki bimaari hai।

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 
कबीर के शब्द
नब्जिया वैद्य क्या देखे, मुझे दिल की बीमारी है।
कभी कफ रोग बतलावे, कभी तासीर गर्मी की।
जिगर का हाल तुं मेरे, नहीं समझे अनाड़ी है।।

असर करती नहीं कोई दवाई कीमती तेरी।
बतादे हाल क्या हो, दवा बेकार सारी है।।

सनम की मोहनी मूरत, बसी दिल बीच में मेरे।
नहीं है चैन पल भर का, बढ़ी ये बेकरारी है।।

अगर कोई मिला दे मेरे, दिलदार से मुझको।
तो ब्रह्मानन्द करूँ मैं उसको यादगारी है।।

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