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रै कोए सौदा लेलो, खुली है धर्म की हाट-Kabir Ke Shabd-rai koa saudaa lelo, khuli hai dharm ki haat।।

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 
कबीर के शब्द
रै कोए सौदा लेलो, खुली है धर्म की हाट।।
जिस-२ नै यो सौदा लिया, सिर की करगे सांट।
दसों इंद्री वश में करके, काल दिया था डाट।।

सौदा किया था प्रह्लाद भक्त ने, पिता रहे थे नाट।
होलका ले गोदी में बैठी, के घाली थी घाट।।

सौदा लिया था हरिश्चंद्र ने, शमशाना के घाट।
लड़का राजा रानी बिकगे,  कुनबा बाराबाट।।

सौदा किया था मोरधज ने, सन्त लिये घर डाट।
तन मन धन सब अर्पण करके, दिया था लड़का काट।।

सौदा करा था मीराबाई ने, गई कुनबे तै पाट।
वृंदावन में घले झोंपड़े,  तजे अमीरी ठाठ।।

सौदा करा था धन्ना भक्त ने, कौम का था जाट।
रस्ते में दो साधो मिलगे, बीज दिया था बांट।।

सौदा किया रविदास ने, चढ़गे उल्टी बाट।
बिना भजन तेरा मुंह पिट जा रे, हो कोए मुल्की लाट।।

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