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रमैया प्यारा र्म रहा हे हेली, दो नैनां के बीच।-Kabir Ke Shabd-ramaiyaa pyaaraa rm rahaa he heli, do nainaan ke bich।

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 
कबीर के शब्द
रमैया प्यारा र्म रहा हे हेली, दो नैनां के बीच।
कोठे ऊपर कोटड़ा री हेली कोठे।
जहां चढ़ बोला मौर।
मौर बेचारा के करे म्हारी हेली री-२
घर मे घुस गए चोर।
माल वा का हड़ लिया हे हेली।

धोबी धोवे कपड़ा री हेली धोबी
त्रिवेणी के घाट हे हेली।
मछली साबुन ले गई री म्हारी हेली री-२
कुनबा बाराबाट
लग्न वा की लग रही हे हेली।

उड़द कुआं मुख सांकड़ा री हेली उड़द।
लाम्बी जा की डोर हे हेली।
पांच सखी पानी भरें म्हारी हेली री,
भर लिया समन्द झकोल,
कमर वाकी कस गई हे हेली।

कह कबीरा धरमीदास से म्हारी हेली री,
सुन्न शिखर के बीच हे हेली,
सुन्न शिखर में चांदना म्हारी हेली री,
बिन बाती बिन तेल,
चसम वा की चस रही हे हेली।

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