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रे भूले मन वृक्षों का मत ले रे-Kabir Ke Shabd-re bhule man vriakshon kaa mat le re।

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 
कबीर के शब्द
रे भूले मन वृक्षों का मत ले रे।
काटनिये से वैर नहीं है,
सिंचनिया से नहीं स्नेह रे।

जो कोए वाको पत्थर मारे।
वाहु को फल दे रे।

शीत घाम सब आप ही ओटे,
औरों को सुख दे रे।

कह कबीर शरण ले गुरु की,
भव सागर तर ले रे।।

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