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सुन सतगुरु की तान, नींद नहीं आती-Kabir Ke Shabd-sun sataguru ki taan, nind nahin aati।

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 
कबीर के शब्द
सुन सतगुरु की तान, नींद नहीं आती।
हे विरह में सूरत गई, पछाड़े खाती।।

तेरे घट में है अंधियार, भरम की राती।
तेरी हुई न पिया से भेंट, रही पछताती।।

सखी नैन सैन से खोज, ढूंढ क्यूं न लाती।
मेरे पिया मिले सुख चैन, नाम गुण गाती।।

तेरी आवागमन की त्रास,सभी मिट जाती।
छवि देखत भई निहाल, काल मुरझाती।।

सखी मान सरोवर ताल हंस जहां पांती
कह कबीर विचार, सीप मिले स्वांति।।

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