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सुनो रे मुसाफिर यहां,जोर ना जमाना-Kabir Ke Shabd-suno re musaaphir yahaan,jor naa jamaanaa।

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 
कबीर के शब्द
सुनो रे मुसाफिर यहां,जोर ना जमाना।
जोर ना जमाना, ये तो माल है बिराना।।

चलता है मीटर हर पल का हिसाब है।
ऊपर को देख कोई, तेरा भी नवाब है।
क्या पहना तूने नकाब है, ना जाएगा पहचाना।।

पूंजी है और की, तुं तो कर्जदार है।
मूल का जिक्र क्या, ब्याज भी उधार है।
वसूलने को तैयार है, वो यमपुर थाना।।

झूठी जोरा जोरी तेरी,झूठा तेरा शोर है।
बेगानी अमानत बरती, इसीलिये चोर है।
चलता उसका जोर है,शोर ना मचाना।।

जिसको तुं कहता अपना,वो तो तेरा सपना है।
राम किशन हरि रटो, वोही तेरा अपना है।
नाम उसी का जपना है, जिससे है जमाना।।

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