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सुरतिया झूल रही, सतगुरु मिले झुलावनहार-Kabir Ke Shabd-suratiyaa jhul rahi, sataguru mile jhulaavanhaar।।

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 
कबीर के शब्द
सुरतिया झूल रही, सतगुरु मिले झुलावनहार।।
रलमिल सखियाँ मंगल गावें, कर कर के सिंगार।

नाम हिंडोला पड़ा गगन में,  झूले सुरतां नार।
श्री सतगुरु की खोज लगाओ, खुले पड़े सब द्वार।
कह कबीर सुनो भई साधो, अब ना पल की वार।।

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