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टांडा तो तेरा लड़ जाएगा बंजारी उठ, विरिहन सूरत सम्भाल-Kabir Ke Shabd-taandaa to teraa ld jaaagaa banjaari uth, virihan surat sambhaal।

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 

कबीर के शब्द

टांडा तो तेरा लड़ जाएगा बंजारी उठ, विरिहन सूरत सम्भाल।
टांडा तेरा लद चला हे, तूँ विरिहन रही सोए।
आँख खुली जब रही एकली,नैन गंवाए रो-रोए।।

धमनी धमन ते बन्द हुई रे जल बुझ भए अंगार।
आहरण का सांसा मिटा रे,लड़ गए मिट लुहार।।

चन्दन की चौकी बिछी रे,बिच में जड़ दिए लाल।
हीरां की घुंडी घली रे,पच-२मरो हे सुनार।।

लाखों शीश तू देय चुकी हे, यम राजा की भेंट।
एक शीश तने ना दिया हे, सद्गुरु जी के हेत।।

कह कबीर सुनो जी केशवा,थारी गत अपरम्पार।
संतां ने ला दो नाम धनी के,लोभ मरो संसार।।

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