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तनक न तोड़ा जाए, नाता नाम का जी-Kabir Ke Shabd-tanak n todaa jaaa, naataa naam kaa ji।

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 
कबीर के शब्द
तनक न तोड़ा जाए, नाता नाम का जी।
पानां ज्यूँ पीली पड़ी जी, लोग कहें पिंड रोज।
सो सो लांघन मैं करा रे, राम मिलन के योग।।

बाबुल वैध बुलाइयां जी, पकड़ दिखाई मेरी बांह।
मूर्ख वैध मर्म न जाने,कर्क कलेजे माहं।।

मांस गले गल छिजियां रे, कर्क रहा गल आय।
आँगलियाँ के मूंदड़े म्हारे, आवन लागे बाएं।।

काढ़ कलेजा मैं धरूँ रे कागा तूं ले जाये।
जिन गलियां म्हारे प्रीतम बसते, वे देखें तो खाय।।

पी पी रे पापी पपीहा,पिय का नाम न लेय।
जो कोय सुने विरिहन पी की,पी कारण जी देय।।

छन मन्दिर छन आंगणा रे, छन-२ ठाढ़ी होय।
घायल ज्यूँ मैं फिरूँ घूमती,बात न बुझे कोय।।

म्हारे नाता नाम का जी, और न नाता कोय।
मीरां व्याकल फिरे भरमती, दर्शन दीजो तोय।।

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