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तेरा कुंज गली में भगवान, मन्दिर में क्यां ने ढूंढती फिरे-Kabir Ke Shabd-teraa kunj gali men bhagvaan, mandir men kyaan ne dhundhti phire।

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 
कबीर के शब्द
तेरा कुंज गली में भगवान, मन्दिर में क्यां ने ढूंढती फिरे।
सोहनी-२ मूरत धरी मन्दिर में, ना वे मुख से बोलें।
बोलतड़ा को काहे,  विचारे राई पर्वत ओल्हे।।

गऊ मुख से गंगा निकली, पांचों कपड़े धोले।
बिन साबुन तेरा मैल कटे ना, हर भज हलवा होले।।

तन कर कुंडी मन कर साबुन, याही में शील समोले।
सूरत ज्ञान का करे न मोगरा, दिल का दागल धोले।।

शील सत्य की नोका चढ़ के,हर दर्शन तूँ जोहले।
कह कबीर सुनो भई साधो, राई पर्वत ओल्हे।।

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