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तुम सुनियो सन्त सुजान,गर्भ नहीं करना रे-Kabir Ke Shabd-tum suniyo sant sujaan,garbh nahin karnaa re।

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 

कबीर के शब्द
तुम सुनियो सन्त सुजान,गर्भ नहीं करना रे।
चार दिनों का रैन बसेरा, आखिर तो कु मरणा रे।

तू जाने मेरी न्यूए निभेगी, हर दम लेखा भरना रे।
खा ले पी ले विलस ले रे हंसा जोड़-२नहीं धरना रे।

दास गरीब सकल में साहिब नहीं किसी से अड़ना रे।
गरीबदास मन धरे ना हंसा, अधर धार पंथ कबीरा रे

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