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उजड़न लाग्या तेरा बाग रे, रामा चाला माली-Kabir Ke Shabd-ujdan laagyaa teraa baag re, raamaa chaalaa maali।

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 
कबीर के शब्द
उजड़न लाग्या तेरा बाग रे, रामा चाला माली।
 बाग बिचारा के करै जी उठ गए सिंचनहार रे,
कोन्या हरियाली।।

पान फूल कुम्हला गए जी पेड़ हुआ बेकार रे,
जब टूटी डाली।।

पेड़ काट कोए ले गए जी, उड़न लागी तेरी राख रे,
हवा गहरी चाली।।

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