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वश में करले मन शैतान को, खुद होजा मस्त दीवाना-Kabir Ke Shabd-vash men karle man shaitaan ko, khud hojaa mast divaanaa।।

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 
कबीर के शब्द
वश में करले मन शैतान को, खुद होजा मस्त दीवाना।।
काजी कहे खुदा है कक्के,  खाते फिरें भरम के धक्के।
हैं नहीं पूर्ण मन के पक्के, छोड़ दिया ईमान को नहीं पावे ठौर ठिकाना।।

तीस दिनों तक रोजा रहते, बिना विचार क्यों भूखा रहते।
जीव हिंसा से क्यों न डरते, कहाँ पे लिखा कुरान में, जो खाते मांस बिराना।।

कलमा पढ़े व पढ़े नवाजी, सब की मति हर लेते काजी।
इन बातों से मिले न बाजी, नहीं पावे नूर निशान को, होगा दोजख में जाना।।

सदा मांस तुम खात मीन का, पन्थ चलाते सदा सीन का।
गंगादास पड़ कहे दीन का, भूल गयो रहमान को, फिर मील न पद निरवाना।।

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