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ये पांच बलि बलवान,क्यों बिरच रहे संसार में-Kabir Ke Shabd-ye paanch bali balvaan,kyon birach rahe sansaar men।

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 

कबीर के शब्द
ये पांच बलि बलवान,क्यों बिरच रहे संसार में।
पहला बलि काम जी,कर देता है बदनाम जी।
ईश्वर में रहता न ध्यान,चित्त रहे पराई नार में।।

दूजा बलि क्रोध जी,ये सब से रखता विरोध जी।
कर दे कुनबे में घमाशान,लठ बाजे परिवार में।।

तीजा बलि लोभ जी,ये भी देता है डोब जी।
बनना चाहता धनवान, छीके ना लाख हज़ार ते।।

चौथा बलि मोह जी,ये भी देता है खोए जी।
चाहे कितनी ए होजा हार,यो सजा रहे परिवार में।।

पांचवां बलि अहंकार जी,इने बड़े-२दिए मार जी।
हरिदास करे बखान,डूबोगे मझधारा में।।

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