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यो बंगला बना गगन के बीच,या में बली थम्ब न भीत-Kabir Ke Shabd-yo banglaa banaa gagan ke bich,yaa men bali thamb n bhit।

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 
कबीर के शब्द
यो बंगला बना गगन के बीच,या में बली थम्ब न भीत।
इस बंगले की नींव अधर है,धन कारीगर जगदीश।
सोलह सुन्न अगम तैं आगे,  जीने पे तपै अतीत।।

इस बंगले में दस दरवाजे, इसके मँह है पांच पच्चीस।
बंगले को कोए हरिजन जाने,  वो तोड़े भरम की रीत।।

इस बंगले कै ना दरवाजा, ना कोए पांच पचीस।।
इस बंगले नै सन्त पिछङे,  जिने मिली गुरां से रीत।।

इस बंगले में तन मन त्याग चढ़े राजा,
किन्ही अलख से प्रीत।।
 हरि-२ रमता हरिजन खेलै,  भेंटैं तूरया अतीत।।

नाथ गुलाब गुरु मिला पूरा, मैं जद पाई प्रतीत।
भानिनाथ शरण सतगुरु की, जो भेंट अलख अतीत।।

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