loading...

मन भजन करें जा भुला क्यूं - man bhajan kreja bhula kyon - Kabir Ke Shabd

Share:
SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 


कबीर के शब्द

मन भजन करें जा भुला क्यूं।
पाँच तत्व का बना पुतला, या मूर्त बना दी न्यू की न्यू।
गर्भ वास में भजन कबूला, आग्या भूल की फेरी में।
बालपन हंस खेल गंवाया, जवान विषयों की घेरी मे।
ईद भर्म जाल की फेरी में, तेरा हंस बिछुड़ गया न्यू का न्यू।।

मानस चोला रत्न अमोला, जो जाने सो जाने सै।
नुगराँ ने तो जान नहीं, कोय लाल गुरु का पिछाणै सै।
सूरत निरत बखानै सै, तूँ शब्द समझले ज्यूँ का त्युं।।

ये सद्गुरु की वाणी सै तूँ ,खूब समझ ले मन का माँ।
सांस-२में करो खोजना, नग बढ़े तेरे तन के माँ।
जाल कटे एक क्षण के मां मने जूठ नहीं सद्गुरु की सों।

जिनके चास शब्द की पड़ रही,  वो गुरु शरण मे जा रहा सै।
रोम-२ में वास करें, गुरु रामदास के न्यारा सै।
सुंदर दास न्यू गा रहा सै, यो होंठ जीभ फिसला दिया मूँह।।

कोई टिप्पणी नहीं