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मन ऐसा ब्याह करवा रे - man esa bhyah krva re - Kabir ke shabd

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 


कबीर के शब्द
मन ऐसा ब्याह करवा रे, तेरी सहज मुक्ति होज्या रे।
पाँचों बान समझ के न्हा ले,  दया का बटना लगा रे।।

ज्ञान का कंगन, प्रेम की मेहंदी, सत का मोड़ बंधा रे।
पाँच पचीसों तेरे चढ़ेंगे बराती, निर्भय ढोल बजा रे।।

साँसम सांसा मन फेरे भी ले ले त्रिकुटी चोरी मंढा रे।
सूरत सुहागिन मिलेगी पिया से। तूँ पर घर मतना जा रे।
कह कबीर सुनो भई साधो, आवागमन निसा रे।।

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