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सद्गुरु मैं तेरी पतंग - satguru mein teri patang - kabir ke shabd

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SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 

कबीर के शब्द

सद्गुरु मैं तेरी पतंग दाता मैं।हवा विच उड़ती जावांगी।
सैयां डोर हत्थां छोड़ी, ना मैं कट्टी जावांगी।।

बड़ी मुश्किल दे नाल मिलिया, मैं नूं तेरा सहारा ए बाबा।
मैं नूं इक्को तेरा आसरा, नाल तेरा सहारा ए बाबा तेरा।।

हूण तेरे ही भरोसे-२, हवा विच उड़ती जावांगी।
थारे चरणों कमलों नालों, मैं नू दूर हटाईं ना।।

इस झूठे जग दे अंदर, मेरा पेंचा लाई ना।
जो कट गई तें सद्गुरु, फिर मैं लूटी जावांगी।।

आज मलया फ़ुहा आके, मैं नू तेरे द्वार दा।
हथ रखदो एक वारी, तूं मेरे सिर दे प्यार दा।
मिटें जन्म मरण दे गेडे, फिर मैं बची जावांगी।।

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