मेरा दर्द ना जाने कोए - Mera dard na jaane koi - kabir ke shabd

SANT KABIR (Inspirational Biographies for Children) (Hindi Edition ...
Kabir Ke Shabd 

कबीर के शब्द

मेरा दर्द ना जाने कोए,हे री मै तो प्रेम दीवानी जी।
सूली ऊपर सेज हमारी,किस विध सोना होए।
गगन मण्डल में सेज पिया की,किस विध मिलनाहोए
घायल की गति घायल जाने,जो कोए घायल होए।
जोहरी की गति जोहरी जाने,जो कोए जोहरी होए।।
दर्द की मारी बन बन डालूं,वैध मिला ना कोए।
मीरा की जब पीर मिटेगी,वैध सांवरियां होए।।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ