Showing posts with label Kabir ke Shabd. Show all posts
Showing posts with label Kabir ke Shabd. Show all posts
Friday, December 10, 2021
Kabir Ji Ke Shabd कबीर के शब्द रेल धर्म की चलती, कोए बैठो आ के। गाड़ी प्रेम। ड्राइवर बैठ लिया इंजन में, धुर का तार पहुंच नंदन में। स...
Sunday, February 21, 2021
Kabir Ke Shabd  कबीर के शब्द चरखले आली री, तेरा चरखा बोलै राम-२। तूँ भज ले न तुंही।। चरखा तेरा रंग रंगीला, पीढ़ा लाल गुलाल। कातन आली श्याम...
Wednesday, November 4, 2020
Wednesday, October 7, 2020