मौन को समझो तुम
मौन कितना कुछ कहता है
पर मौन चुप ही रहता है
चुप रहकर सब कुछ कहता है
मौन की कोई भाषा नहीं
मौन की कोई परिभाषा नहीं
मौन सा कोई संवाद नहीं
मौन का कोई स्वाद नहीं
मौन कभी तलवार है
तो मौन कभी सुविचार है
मौन कभी इकरार है
तो मौन कभी इनकार है
मौन कभी तकरार है
तो मौन कभी प्यार है
मौन से भला कौन जीता
मौन की शक्ति अपार है

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