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किया कर्म तेरा आगै आवै, या सन्तों की वर्णी।।
अमर सूक्तियां-Immortals Quotes
189  कर ले न सामान मुसाफिर।।
95   घूम घूम के देखा सारै।।
127    दूर धाम से चलके न।।
247    सुर नर मुनि भरमावै।।
268   जिनके ज्ञान हुआ था, छोड़ चले।।