किससे मांगू
फकीर ने कहा…तू अच्छा आया। ये मक्खियों मुझे तंग कर रही हैं। इन्हें भगा दे यहा सै।
बादशाह बोले… मखियाँ तो मेरे वश मे नहीं हैं किंतु आप चलें तो ऐसा स्थान दिया जा सकता है जहाँ मक्खियाँ…
बीच मे ही फ़कीर बोले-बस बस। तू जा अपना काम कर ! मैं किससे माँगूँ तुच्छ मखियों पर भी जिसका अधिकार नहीं, उससे ?

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