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महात्मा बुद्ध ज्ञान - Mahatma Buddha Knowle able Quotes in Hindi

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महात्मा बुद्ध ज्ञान - Mahatma Buddha Knowle able Quotes in Hindi

1    अपने मोक्ष के लिये स्वयं ही प्रयत्न करें, दूसरों पर निर्भर न रहें।

  2   अगर आप किसी और के लिये दीपक जलाएंगे, तो वो आप का भी मार्ग प्रकाशित करेगा।

3     अपना हृदय अच्छे काम करने में लगाओ, इसे बार बार करो तुम प्रशन्नता से भर जाओगे।

4   अतीत पर ध्यान मत दो,भविष्य के बारे में मत सोचो, अपने मन को वर्तमान क्षण में केंद्रित रखो।

5    अकेले राह चलना श्रेयकर है, मूर्ख का साथ नहीं हो सकता। बिना कोई बुराई के शांति में अकेले चलो, जैसे एक विशाल हाथी वन में संचार करता है।

6     अच्छे कर्म करने में शीघ्रता करें,पापों से मन को हटाएँ, अच्छे कर्म करने में ढील करने पर मन पाप में लगने लगता है।

7     अच्छी चीजों के बारे में सोचें,हम वही बनते हैं जो हम सोचते हैं। इसलिये सकारात्मक बातें सोचें और खुश रहें।

8     आकाश में पूर्व और पश्चिम का कोई भेद नहीं है, लोग अपने मन मे भेदभाव को जन्म देते हैं। और फिर यह सच है ऐसा विश्वास करते हैं।

9    आप चाहे कितने पवित्र शब्द पढ़ लें,चाहे जितने बोल लें। वे आपका क्या भला करेंगे, यदि आप उन पर कार्य नही करते हैं

10     आप तब तक उस मार्ग पर नही चल सकते जब तक आप खुद वो मार्ग नही बन जाते।

11     आप केवल वही खोते हैं, जिससे आप चिपक जाते हैं।

12      आपके पास जो कुछ भी है उसे बढा चढ़ा कर मत बताइये। और न ही दूसरों से ईर्ष्या कीजिये।जो दूसरों से ईर्ष्या करता है, उसे मानसिक शांति नही मिलती।

13    अपना रास्ता स्वयं बनाएं, हम अकेले पैदा होए हैं और अकेले ही मृत्यु को प्राप्त होते हैं। इसलिये हमारे अलावा कोई और हमारी किस्मत का फैसला नही कर सकता।

14      इस पूरी दुनिया मे इतना अंधकार नही है कि वो एक छोटी सी मोमबत्ती का प्रकाश बुझा सके।

15     इंसान के अंदर ही शांति का वास होता है, उसे बाहर ना तलाशें।

16     एक जलते हुए दीपक से हजारों दीपक रोशन किये जा सकते हैं, फिर भी उस दीपक की रोशनी कम नही होती। उसी तरह खुशियां बांटने से बढ़ती हैं, कम नहीं होती।

17    एक क्षण एक दिन बदल सकता है,एक दिन एक जीवन बदल सकता है ओर एक जीवन पूरे विश्व को बदल सकता है।

18   एक बार एक इंसान ने भगवान बुद्ध से जीवन का मूल्य पूछा, तो भगवान ने कहा, "जीवन का कोई विशेष मूल्य नही है"। जीवन ही एक अवसर है मूल्यवान बनने के लिए।

19      क्रोध कभी नही जायगा, जब तक कि क्रोध के विचारों को मन मे रखा जाएगा। जैसे ही क्रोध के विचारों को भुला दिया जाएगा वैसे ही क्रोध गायब हो जाएगा।

20    कोई व्यक्ति इसलिये ज्ञानी नही कहलाता,क्योंकि वह सिर्फ बोलता रहता है। लेकिन अगर वह शांतिपूर्ण, प्रेमपूर्ण और निर्भय है तो वह वास्तव में ज्ञानी कहलाता है।

21     किसी परिवार को खुश रखने के लिये सबसे जरूरी है- अनुशाशन और मन पर नियंत्रण।और कोई व्यक्ति अपने मन पर नियंत्रण करले तो उसे आत्मज्ञान का रास्ता मिल जाता है।

22    क्रोध को पाले रखना, खुद जहर पी कर दूसरे के मरने की अपेक्षा करने के समान है।

23     क्रोध को बिना क्रोधित हुए जीतो, बुराई को अच्छाई से जीतो,कंजूसी को दरियादिली से जीतो औऱ असत्य बोलने वाले को सत्य बोल कर जीतो।

24     क्रोध को पाले रखना गर्म कोयले को किसी और पर फेंकने की  नीयत से पकड़े रहने के समान है। इसमें आप ही जलते हैं।

25     किसी पर बस इतने के लिए भरोसा मत करो क्योंकि तुमने सुना है। सहज मत मानलो क्योंकि पीढ़ी दर पीढ़ी चला आ रहा है। विश्वास न करो क्योंकि बहुत लोग कह रहे हैं और अटल है। इसलिये नही मानो क्योंकि पवित्र ग्रन्थों में लिखा है। बस इसलिये ही नही मानो क्योंकि शिक्षक, उच्च पदस्थ, बड़े या होंशियार लोग कहते हैं।विश्वास तभी करो जब तुम खूबी से निरिक्षण और चिंतन मनन करो।और वह तुम्हारे तर्क पर उतर कर मान्य हो कर सभी के लिये लसभकारी हो।

26     खुशी हमारे अंदर ही है। खुशी पैसों से खरीदी गई चीजों में नही बल्कि खुशी इस बात में है कि हम कैसा अनुभव करते हैं, कैसा व्यवहार करते हैं और दूसरों के व्यवहार का कैसा जवाब देते हैं। इसलिए असली खुशी हमारे अंदर ही है।

27     खुशियों का कोई रास्ता नही,खुश रहना ही रास्ता
है।

28     खुशी इस पर निर्भर नहीं करती कि आपके पास क्या है या आप क्या हैं, ये पूरी तरह इस पर निर्भर करती है कि आप क्या सोचते हैं।

29     खुद पर विजय प्राप्त करना दूसरों पर विजय प्राप्त करने से बड़ा काम है।

30    घृणा घृणा से खत्म नहीं होगी,यही सनातन सत्य है।

31    चाहे मूर्ख व्यक्ति प्रज्ञावान के साथ सारा जीवन बितादे, वह सत्य का अनुभव नही कर सकता। जैसे शोरबे का स्वाद चम्मच को अनुभव नही हो सकता।

32     जीवन मे हज़ारों लड़ाईयां जितने से अच्छा है कि तुम स्वयं पर विजय प्राप्त करलो। फिर जीत हमेशा तुम्हारी होगी, इसे तुमसे कोई नही छीन सकता।

33    जो व्यक्ति बस पवित्र ग्रन्थों का पाठ करता है पर वैसा आचरण नही करता, वह व्यक्ति उस गोपाल की तरह है जो बस दूसरों की गाय गिनता रह जाता है।

34    जो क्रोधित विचारों से मुक्त है, उन्हें निश्चय ही शांति प्राप्त होगी।

35    जब असपको पता चलेगा कि सब कुछ कितना सही है, तब आप अपना सिर पीछे झुकायेंगे और आकाश की ओर देख कर मुस्कुरायेंगे।

36     जैसे ठोस चट्टान हवा से नहीं हिलती, उसी प्रकार बुद्धिमान व्यक्ति प्रशंसा या आरोपों से बिचलित नही होता।

37     जो आप सोचते है, वह आप बन जाते हैं। जो आप महसूस करते हैं, उसे आप आकर्षित करते हैं।जिसकी आप कल्पना करते हैं, उसका आप निर्माण करते हैं।
38    जो जगा है उसके लिये रात लम्बी है। जो थका है उसके लिये दूरी लम्बी है।जो मूर्ख सच्चा धर्म नही जानता, उसके लिये जीवन लम्बा है।
39    जुनून जैसी आग नही है कोई।नफरत जैसा कोई दरिंदा नही है। मूर्खता जैसा कोई जाल नही है। लालच जैसी कोई धार नही जा।

40     जीवन में आपका उद्देश्य अपना उद्देश्य पता करना है और उसमें जी जान से जुट जाना है

41     जो आप सोचते हैं, वह आप बन जाते हैं।

42     जैसे मोमबत्ती बिना आग के नही जल सकती,वैसे ही मनुष्य भी आध्यात्मिक जीवन के बिना नही जी सकता।

43      जो व्यक्ति बहुत कम धार्मिक ग्रन्थ पढ़ता है, परन्तु जो अपने जीवन मे सद्व्यवहारी होता है और लोभ नफरत, कामवासना सहित सारे कुविचारों का त्याग करके सम्यक ज्ञान से मन को निर्मल करता है, वह जातक पवित्र जीवन का अनुभव करता है।

44     जो व्यक्ति मूर्खों की संगत करता है, वह बहुत समय शोक करता रहा जाता है। मूर्खों के साथ रहना वेदना दायक है, जैसे शत्रुओं के साथ रहना। प्रज्ञजनों के साथ रहना बहुत सुखकारक है। जैसे आत्मीय परिजन मिलते हैं,

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